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कर्नाटक में अब PG और हॉस्टल के खाने की होगी जांच, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

Kavita2
17 Aug 2026 2:13 PM IST
कर्नाटक में अब PG और हॉस्टल के खाने की होगी जांच, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
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बेंगलुरु। कर्नाटक में खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। राज्य में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पिछले कुछ दिनों से होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की जा रही है। इसी कड़ी में अब स्वास्थ्य विभाग ने PG, प्राइवेट हॉस्टल, बस स्टेशन और रेलवे कैंटीन के अलावा कैटरिंग सेवाओं की भी जांच करने का फैसला लिया है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने सोमवार को कहा कि राज्य में खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि खराब गुणवत्ता वाला खाना उपलब्ध कराने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बेंगलुरु स्थित हेल्थ सौधा में सोमवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उन अधिकारियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने होटलों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर खाद्य गुणवत्ता की जांच की थी।

सम्मान समारोह के बाद स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब तक विभाग की टीमें होटलों और खाद्य दुकानों की जांच कर रही थीं, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके तहत PG और प्राइवेट हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता भी जांची जाएगी।

उन्होंने कहा कि कई लोग घर से दूर रहकर PG और हॉस्टल में रहते हैं। ऐसे में वहां मिलने वाले खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। विभाग की टीमें जल्द ही इन स्थानों पर जाकर जांच करेंगी।

इसके अलावा बस स्टैंड और रेलवे कैंटीन में मिलने वाले भोजन की भी जांच की जाएगी। यात्रियों को सुरक्षित और साफ-सुथरा खाना मिले, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग नियमित निरीक्षण करेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि शादी समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में खाना सप्लाई करने वाली कैटरिंग सेवाओं की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग ऐसे आयोजनों में खाना खाते हैं, इसलिए कैटरिंग कंपनियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री और तैयार भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखना जरूरी है।

यू.टी. खादर ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने हाल के दिनों में कई स्थानों पर कार्रवाई की है और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अभियान किसी व्यक्ति या संस्था को परेशान करने के लिए नहीं चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना और खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, कच्चे माल के इस्तेमाल और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

खादर ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से भी अपील की कि वे स्वच्छता मानकों का पालन करें और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएं।

कर्नाटक में हाल के दिनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर में जांच अभियान शुरू किया है। अधिकारियों की टीम अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर खाद्य नमूने ले रही है और उनकी जांच कर रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि PG, हॉस्टल और कैंटीन जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं, इसलिए यहां नियमित जांच जरूरी है। खराब भोजन से फूड पॉइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से छात्रों, कर्मचारियों और यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा।

मंत्री यू.टी. खादर ने साफ किया कि खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार की नीति सख्त है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लगातार निगरानी रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करें।

अब राज्य में होटलों के साथ-साथ PG, हॉस्टल, कैंटीन और कैटरिंग सेवाएं भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के दायरे में होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के लोगों को सुरक्षित और बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन मिल सके।

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